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Gurudutt

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  1. विश्वेदेवा

    विश्वेदेवा

    Rs50.00

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  2. खण्डहर बोल रहे हैं - भाग 1

    खण्डहर बोल रहे हैं - भाग 1

    Rs90.00

    जब वे वहाँ से अजन्ता की ओर चले तो यात्री ने पुनः बात आरम्भ कर दी। उसने कहा, ‘‘मिरज़ा, तुमने कहा है कि मिरज़ा का लकब लिये आपकी पन्द्रह पीढ़ियाँ गुजर चुकी हैं।’’ Learn More
  3. यात्रा का अंत

    यात्रा का अंत

    Rs40.00

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  4. Bhavukta ka Mulya

    Bhavukta ka Mulya

    Rs300.00

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  5. भगवान भरोसे Currently Under Print

    भगवान भरोसे Currently Under Print

    Rs0.00

    अमर लेखक श्री गुरुदत्त की एक सशक्त कृति पाठकों के लिए प्रस्तुत है। एक सफल लेखक समाज में हो रहे परिवर्तनों को न केवल अपने पात्रों के माध्यम से अत्यन्त रोचक तथा मनोरंजक ढंग से दर्शाता है, साथ ही नित्य उत्पन्न होने वाली नई समस्याओं का समाधान भी प्रस्तुत करता है। कुछ वास्तविक घटनाओं को काल्पनिक पात्रों में गूँथ कर एक रोचक उपन्यास पाठकों के समक्ष रखना सिद्ध करता है श्री गुरुदत्त एक सर्वकालीन लेखक हैं। Learn More
  6. वीर पूजा

    वीर पूजा

    Rs50.00

    वीर पुरुषों के बलिदान की कहानी सदा से प्रेरणा का स्त्रोत रही है। मैजिनीगैरीबाल्डी आदि नरपुंगवों की वीर गाथाएँ आज भी विश्व मानव की दमनियों में ऊष्ण रक्त का संचार कर उसे उद्घेलित और उत्साहित करती रहती हैं। यही स्थिति भारतीय क्रान्तिवीरों और बलिदानियों की है। इसी उद्देश्य को सम्मुख रखकर प्रस्तुत पुस्तक का प्रणयन किया गया है। Learn More
  7. सांख्य दर्शन

    सांख्य दर्शन

    Rs300.00

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  8. महाकाल

    महाकाल

    Rs250.00

    हिन्दी के महान साहित्यकारों में से एक, श्री गुरुदत्त की कलम से निकले 250 ग्रन्थों में से एक सशक्त ऐतिहासिक उपन्यास है महाकाल ! इस घटना प्रधान उपन्यास के भावो को प्रकट करने के लिए बीज महाकवि कलहण के ग्रन्थ राजतरंगिणी से लेकर एक अनुपम कृति देने का सफल यत्न ही है महाकाल ! Learn More
  9. साहित्यकार

    साहित्यकार

    Rs30.00

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  10. Aur Jamana Badal Gaya (Under Print) Currently out of Stock

    Aur Jamana Badal Gaya (Under Print) Currently out of Stock

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  11. भारतवर्ष का संक्षिप्त इतिहास

    भारतवर्ष का संक्षिप्त इतिहास

    Rs150.00

    रथम उपन्यास ‘‘स्वाधीनता के पथ पर’ से ही ख्याति की सीढ़ियों पर जो चढ़ने लगे कि फिर रुके नहीं। विज्ञान की पृष्ठभूमि पर वेद, उपनिषद् दर्शन इत्यादि शास्त्रों का अध्ययन आरम्भ किया तो उनको ज्ञान का अथाह सागर देख उसी में रम गये। वेद, उपनिषद् तथा दर्शन शास्त्रों की विवेचना एवं अध्ययन अत्यन्त सरल भाषा में प्रस्तुत कराना गुरुदत्त की ही विशेषता है। Learn More
  12. वर्तमान दुर्व्यवस्था का समाधान Hindu Rashtra
  13. मेघवाहन

    मेघवाहन

    Rs65.00

    उपन्यासकार श्री गुरुदत्त जी का जीवन विगत 94 वर्षों से सतत साधनारत रहने के फलस्वरूप तपकर ऐसा कुन्दन बन गया है कि जिसकी तुलना अब किसी अन्य से नहीं अपितु उनसे ही की जा सकती है। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार सागर और आकाश की तुलना किसी अन्य से नहीं अपितु सागर और आकाश से ही की जा सकती है। वर्षों पूर्व श्री गुरुदत्त जी के किसी अभिनन्दन समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के भूतपूर्व अध्यक्ष डॉ. विजयेन्द्र स्नातक ने उनके प्रति अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा था—‘कोई भी उनको बैठे उनके दैदीप्यमान मुखाकृति को देखे तो यही अनुभव करेगा मानो मार्ग-निर्देशन करता हुआ-सा कोई तपस्वी बैठा है।’ Learn More
  14. महाभारत

    महाभारत

    Rs60.00

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  15. देश की हत्या

    देश की हत्या

    Rs110.00

    उपन्यासकार गुरुदत्त का जन्म जिस काल और जिस प्रदेश में हुआ उस काल में भारत के राजनीतिक क्षितिज पर बहुत कुछ विचित्र घटनाएँ घटित होती रही हैं। गुरुदत्त जी इसके प्रत्यक्षदृष्टा ही नहीं रहे अपितु यथासमय वे उसमें लिप्त भी रहे हैं। जिन लोगों ने उनके प्रथम दो उपन्यास ‘स्वाधीनता के पथ पर’ और ‘पथिक’ को पढ़ने के उपरान्त उसी श्रृंखला के उसके बाद के उपन्यासों को पढ़ा है उनमें अधिकांश ने यह मत व्यक्त किया है कि उपन्यासकार आरम्भ में गांधीवादी था, किंतु शनैः-शनैः वह गांधीवादी से निराश होकर हिन्दुत्ववादी हो गया है। Learn More

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