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Gurudutt

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  1. विश्वासघात (स्वाधीनता आन्दोलन 1946 से 47 का काल)

    विश्वासघात (स्वाधीनता आन्दोलन 1946 से 47 का काल)

    Rs150.00

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  2. पाणिग्रहण Currently Under Print

    पाणिग्रहण Currently Under Print

    Rs0.00

    संस्कारों से सनातन धर्मानुयायी और शिक्षा-दीक्षा तथा संगत के प्रभाव के कारण प्रतीची विचारों से प्रभावित इन्द्रनारायण तिवारी की मानसिक अवस्था एक समस्या बनी रहती थी। Learn More
  3. श्रीमढ्भगवढ्गीता (भाष्य)

    श्रीमढ्भगवढ्गीता (भाष्य)

    Rs200.00

    Sanskrit & Hindi श्रीमढ्भगवढ्गीता (भाष्य) Learn More
  4. दो लहरों की टक्कर

    दो लहरों की टक्कर

    Rs500.00

    यह उपन्यास दो भागों में हैं जिनका विवरण इस प्रकार है: Learn More
  5. अमृत मन्थन (राम कथा-1)

    अमृत मन्थन (राम कथा-1)

    Rs35.00

    भगवान राम परमेश्वर का साक्षात अवतार थे अथवा नहीं, इस विषय पर कुछ न कहते हुए यह तो कहा ही जा सकता है कि उन्होंने अपने जीवन में जो कार्य सम्पन्न किया वह उनको एक अतिश्रेष्ठ मानव के पद पर बैठा देता है। लाखों, करोड़ों लोगों के आदर्श पुरुष तो वह हैं ही। और केवल भारतवर्ष में ही नहीं बीसियों अन्य देशों में उनको इस रूप में पूजा जाता है। राम कथा किसी न किसी रूप में कई देशों में प्रचलित है। भगवान श्रीराम के जीवन की कुछ घटनाओं को आधार बनाकर यह उपन्यास लिखा गया है। वैसे तो श्रीराम के जीवन पर सैकड़ों ही नहीं, सहस्रों रचनाएँ लिखी जा चुकी हैं, इस पर भी जैसा कि कहते हैं। Learn More
  6. Jagat Ki Rachna

    Jagat Ki Rachna

    Rs30.00

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  7. एक मुह दो हाथ

    एक मुह दो हाथ

    Rs250.00

    लेखक की मान्यता - ईश्वर की सर्वोत्तम कृति मानव, कर्म करने को स्वतंत्र। मानव के दो हाथ होते है एक मुह होता है , अतः वह अपनी आवश्यकता से दो गुणा कार्य कर सकता है , फिर क्यों वह सद्कर्म से हिचकिचाता है , यही विषय है इस पुस्तक का। ऐतिहासिक रचना Learn More
  8. खण्ड 4 - एक और अनेक, मानव (भावनाप्रधान सामाजिक उपन्यास)

    खण्ड 4 - एक और अनेक, मानव (भावनाप्रधान सामाजिक उपन्यास)

    Rs300.00

    एक और अनेक, मानव (भावनाप्रधान सामाजिक उपन्यास) Learn More
  9. प्रगतिशील

    प्रगतिशील

    Rs40.00

    प्रथम उपन्यास ‘‘स्वाधीनता के पथ पर’’ से ही ख्याति की सीढ़ियों पर जो चढ़ने लगे कि फिर रुके नहीं। विज्ञान की पृष्ठभूमि पर वेद, उपनिषद् दर्शन इत्यादि शास्त्रों का अध्ययन आरम्भ किया तो उनको ज्ञान का अथाह सागर देख उसी में रम गये। Learn More
  10. ईश केन कठ उपनिषद

    ईश केन कठ उपनिषद

    Rs70.00

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  11. घर की बात

    घर की बात

    Rs200.00

    आजीवन साहित्य साधना में लीन रहने वाले गुरूदत्त का नाम अजर व अमर है; जिन्होंने अपने उत्कृष्ट साहित्य से अपना व भारत भूमि का नाम विदेशों में आलौकिक किया और भारत के यश व गौरव में वृद्धि की। इनका जन्म लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) में सन् 1894 को हुआ था। तब लाहौर भारत का ही एक अंग था। ये आधुनिक विज्ञान के छात्र थे और पेशे से वैद्य थे। रसायन विज्ञान से एम.एस-सी. (स्नातकोत्तर) किया; किन्तु वैदिक साहित्य के व्याख्याता बने और साहित्य सृजन व साहित्य साधना में लग गये। Learn More
  12. वाम मार्ग

    वाम मार्ग

    Rs400.00

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  13. कला  Currently Under Print

    कला Currently Under Print

    Rs0.00

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  14. Bhagnash

    Bhagnash

    Rs350.00

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  15. आवरण

    आवरण

    Rs110.00

    जैसे वस्त्र शरीर का आवरण है अथवा शरीर आत्मा का आवरण है, इसी प्रकार विचार तथा भावनाओं का आवरण भी होता है। वस्त्र की रक्षा करने में कोई भी व्यक्ति शरीर को हानि नहीं पहुँचाएगा, न ही शरीर के लिए कोई आत्मा का हनन करना चाहेगा। इसी प्रकार विचारों में आवरण गौण और भीतर का संरक्षित भाव मुख्य माना जाना चाहिए। कठिनाई वहाँ पड़ती है, जहाँ कोई आत्मा का अस्तित्व माने ही नहीं। ऐसे व्यक्ति के लिए शरीर ही सब कुछ होता है। अथवा कभी कोई शरीर को हेय और आवरण को मुख्य मानने लगे। इस अवस्था में आवरण उपयुक्त न होने पर मृत्यु तक हो सकती है। Learn More

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