Knowledge is everything

Categories

Items 1 to 10 of 437 total

Grid  List 

Set Descending Direction
per page
  1. अस्ताचल की ओर

    अस्ताचल की ओर

    Rs500.00

    यह उपन्यास तीन भागों में हैं Learn More
  2. भाव और भावना

    भाव और भावना

    Rs75.00

    गुरुदत्त जी ने एक बार किसी गोष्ठी में कहा था-मैंने प्रत्येक समस्या को अपने लिये एक चुनौती माना है। ‘भाव और भावना’ उनके ऐसे संस्मरणों का संग्रह है। जिनसे उनके जीवन को दिशा मिली है। समस्याओं का विश्वलेषण कर उनका समाधान उन्होंने ढूंढ़ा है और अपना मार्ग प्रशस्त किया है। Learn More
  3. भाग्य चक्र

    भाग्य चक्र

    Rs75.00

    जनवरी सन् 2000 में प्रकाशित ‘‘भाव और भावना’’ में श्री गुरुदत्त जी ने मुख्य-मुख्य राजनीतिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन घटनाओं का अपने मन पर प्रभाव तथा प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन घटनाओं ने किस प्रकार उन्हें राजनीतिक शिक्षा दी तथा किस प्रकार उनके जीवन को एक कर्मयोगी का जीवन बनाया, संस्मरणात्मक शैली में श्री गुरुदत्त जी ने स्पष्ट किया था। Learn More
  4. भारत में राष्ट्र

    भारत में राष्ट्र

    Rs30.00

    1.जीवन पद्घति का नाम धर्म है और धर्म का सार है कि जो व्यवहार अपने साथ किया जाना पसन्द नहीं करते वह किसी के साथ न करो। Learn More
  5. भारतवर्ष का संक्षिप्त इतिहास

    भारतवर्ष का संक्षिप्त इतिहास

    Rs150.00

    रथम उपन्यास ‘‘स्वाधीनता के पथ पर’ से ही ख्याति की सीढ़ियों पर जो चढ़ने लगे कि फिर रुके नहीं। विज्ञान की पृष्ठभूमि पर वेद, उपनिषद् दर्शन इत्यादि शास्त्रों का अध्ययन आरम्भ किया तो उनको ज्ञान का अथाह सागर देख उसी में रम गये। वेद, उपनिषद् तथा दर्शन शास्त्रों की विवेचना एवं अध्ययन अत्यन्त सरल भाषा में प्रस्तुत कराना गुरुदत्त की ही विशेषता है। Learn More
  6. देश की हत्या

    देश की हत्या

    Rs110.00

    उपन्यासकार गुरुदत्त का जन्म जिस काल और जिस प्रदेश में हुआ उस काल में भारत के राजनीतिक क्षितिज पर बहुत कुछ विचित्र घटनाएँ घटित होती रही हैं। गुरुदत्त जी इसके प्रत्यक्षदृष्टा ही नहीं रहे अपितु यथासमय वे उसमें लिप्त भी रहे हैं। जिन लोगों ने उनके प्रथम दो उपन्यास ‘स्वाधीनता के पथ पर’ और ‘पथिक’ को पढ़ने के उपरान्त उसी श्रृंखला के उसके बाद के उपन्यासों को पढ़ा है उनमें अधिकांश ने यह मत व्यक्त किया है कि उपन्यासकार आरम्भ में गांधीवादी था, किंतु शनैः-शनैः वह गांधीवादी से निराश होकर हिन्दुत्ववादी हो गया है। Learn More
  7. धर्मवीर हकीकत राय

    धर्मवीर हकीकत राय

    Rs40.00

    क्या आज का ‘‘नपुंसक’’ हिन्दू नाबालिग हकीकत की निर्मम हत्या से कुछ पाठ सीखेगा ? आज का हिन्दू नपुंसकता की पराकाष्ठा पर पहुँच चुका है किंतु उसको ‘क्लैब्यं मा स्म गमः’ कहकर उसके अस्तित्व और अस्मिता को जागृत करनेवाले ब्राह्मणों तथा दायित्वों को भी आज साँप सूँघ गया है। कौन है इसका दोषी ? कौन है इसका अपराधी ? और कौन इस दोष और अपराध का निराकरण करने वाला ? सुप्रसिद्ध लेखक श्री गुरुदत्त की विचारोत्तेजक तथा प्रेरणा देने वाली रचना। Learn More
  8. दो लहरों की टक्कर

    दो लहरों की टक्कर

    Rs500.00

    यह उपन्यास दो भागों में हैं जिनका विवरण इस प्रकार है: Learn More
  9. द्वितीय विश्वयुद्ध

    द्वितीय विश्वयुद्ध

    Rs30.00

    द्वितीय विश्व युद्ध की कहानी वास्तव में एडोल्फ हिटलर की कहानी ही कहनी चाहिए। एडोल्फ हिटलर की मानसिक अवस्था की जन्मदाता जर्मन जाति की मानसिक अवस्था है। Learn More
  10. गंगा की धारा

    गंगा की धारा

    Rs600.00

    हमारी यह मान्यता रही है कि उपन्यास-सम्राट् स्व० श्री गुरुदत्त कालातीत साहित्य के स्रष्टा थे। साहित्य का, विशेषतया उपन्यास साहित्य का, सबसे बड़ा समालोचन समय होता है। सामान्यता यह देखने में आता है कि अधिकांश उपन्यासकारों का गौरव अल्पकालीन होता है इसका मुख्य कारण होता है उसकी रचना की महत्ता का अल्पकाल में प्रभावशून्य हो जाना। वास्तव में वह रचनाकार ही गौरवशाली माना जाता है जिसकी रचना साहित्य की स्थायी सम्पत्ति बन जाती है। इसकी यथार्थ परीक्षा काल ही करता है। स्व० श्री गुरुदत्त उन रचनाकारों में से थे जिनकी कृतियाँ कालातीत हैं। उसका मुख्य कारण है उनकी रचनाओं का सोद्देश्य होना। क्योंकि उद्देश्य को काल की सीमा में नहीं बाँधा जा सकता है, अतः उसके आधार पर रचित साहित्य भी काल की सीमा में सीमित नहीं किया जा सकता। यदि लेखक किसी उद्देश्य विशेष को आधार बनाकर रचना नहीं करता है तो वह श्रेष्ठ लेखक नहीं कहा जा सकेगा। Learn More

Items 1 to 10 of 437 total

Grid  List 

Set Descending Direction
per page