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महाकाल

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Rs250.00
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Book Pages 140
Isbn 81-88388-38-6
Publish Date 4-Apr-07
Author Name Gurudutt
Book Id 5283

Details

‘महाकाल’ एक उपन्यास है। इसका कथानक कल्हण के ऐतिहासिक ग्रन्थ राजतरंगिणी की एक कथा पर आधारित है। कल्हण एक कवि था, इस कारण उसका ग्रंथ राजतरंगिणी कवि की कल्पनाओं की उड़ानों और उपमाओं तथा अलंकारों से अतिरंजित है। इस पर भी यह इतिहास है तिथिकाल से युक्त। महाभारत काल से लेकर मुसलमानी काल के आरम्भ तक का श्रृंखलाबद्ध कश्मीर का इतिहास इसमें है।

महाकाल

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Quick Overview

हिन्दी के महान साहित्यकारों में से एक, श्री गुरुदत्त की कलम से निकले 250 ग्रन्थों में से एक सशक्त ऐतिहासिक उपन्यास है महाकाल !
इस घटना प्रधान उपन्यास के भावो को प्रकट करने के लिए बीज महाकवि कलहण के ग्रन्थ राजतरंगिणी से लेकर एक अनुपम कृति देने का सफल यत्न ही है महाकाल !
Book Pages 140
Isbn 81-88388-38-6
Publish Date 4-Apr-07
Author Name Gurudutt
Book Id 5283

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‘महाकाल’ एक उपन्यास है। इसका कथानक कल्हण के ऐतिहासिक ग्रन्थ राजतरंगिणी की एक कथा पर आधारित है। कल्हण एक कवि था, इस कारण उसका ग्रंथ राजतरंगिणी कवि की कल्पनाओं की उड़ानों और उपमाओं तथा अलंकारों से अतिरंजित है। इस पर भी यह इतिहास है तिथिकाल से युक्त। महाभारत काल से लेकर मुसलमानी काल के आरम्भ तक का श्रृंखलाबद्ध कश्मीर का इतिहास इसमें है।

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