Knowledge is everything

परित्राणाय साधूनाम्

Availability: In stock

Rs700.00
OR
Book Pages 844
Publish Date 3-Apr-01
Author Name Gurudutt
Book Id 5359

Details

मैं बम्बई से दिल्ली आ रहा था। फन्टियार मेल के फर्स्ट क्लास के डिब्बे में सीट रिजर्व कराकर यात्रा हो रही थी। डिब्बे में एक साहब और थे। सांयकाल गाड़ी में सवार हुआ तो बिस्तर लगा दिया। दूसरे यात्री ने पहले ही बर्थ पर बिस्तर लगाया हुआ था। मैंने बिस्तर बिछाया तो वह नीचे सीट पर आकर बैठ गया।

परित्राणाय साधूनाम्

Double click on above image to view full picture

Zoom Out
Zoom In

More Views

Quick Overview

हिन्दुओं में यह किंवदन्ति प्रचलित है कि यदि महाभारत की कथा की जायेगी तो कथा समाप्त होने से पूर्व ही सुनने वालों में महाभारत मच जायेगा। मैं बाल्यकाल से इस किंवदन्ति को सुनता चला आया हूँ और इसका आधार जानने का यत्न करता रहा हूँ।
Book Pages 844
Publish Date 3-Apr-01
Author Name Gurudutt
Book Id 5359

Details

मैं बम्बई से दिल्ली आ रहा था। फन्टियार मेल के फर्स्ट क्लास के डिब्बे में सीट रिजर्व कराकर यात्रा हो रही थी। डिब्बे में एक साहब और थे। सांयकाल गाड़ी में सवार हुआ तो बिस्तर लगा दिया। दूसरे यात्री ने पहले ही बर्थ पर बिस्तर लगाया हुआ था। मैंने बिस्तर बिछाया तो वह नीचे सीट पर आकर बैठ गया।

Be the first to review this product